महाकुंभ भगदड़: प्रयागराज में मौनी अमावस्या स्नान से पहले अफरा-तफरी और दुखद हादसे के बाद प्रशासन ने कड़े कदम उठाए
प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या के पावन स्नान से पहले संगम तट पर मची अफरा-तफरी और कई श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। सुरक्षा और व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मेले में पांच अहम बदलाव लागू किए गए हैं। इसके अलावा, संपूर्ण मेला क्षेत्र को नो-व्हीकल ज़ोन घोषित कर दिया गया है, जिससे किसी भी प्रकार के वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। वीआईपी पास और यातायात से जुड़े नियमों में भी बदलाव किए गए हैं।
घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के तहत पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए यह बदलाव किए हैं। प्रशासन के लिए अब बसंत पंचमी के अमृत स्नान को सुचारू रूप से संपन्न कराना एक बड़ी चुनौती होगी, जिसे ध्यान में रखते हुए ये कड़े फैसले लिए गए हैं।
संपूर्ण मेला क्षेत्र नो-व्हीकल ज़ोन घोषित – किसी भी प्रकार के वाहनों का प्रवेश पूरी तरह निषेध रहेगा।
VVIP पास रद्द – अब कोई भी विशेष पास वाहनों को मेले में लाने की अनुमति नहीं देगा।
मार्ग व्यवस्था बदली – मेला क्षेत्र में वन-वे यातायात प्रणाली लागू की गई है, जिससे श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन को सुनिश्चित किया जा सके। एक मार्ग से प्रवेश और दूसरे मार्ग से निकासी की व्यवस्था होगी।
वाहनों की एंट्री पर रोक – प्रयागराज से लगे जिलों से आने वाले वाहनों को जिले की सीमा पर ही रोक दिया जा रहा है।
सख्त प्रतिबंध लागू – बसंत पंचमी (4 फरवरी) तक चार पहिया वाहनों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
प्रशासन अब किसी भी प्रकार की लापरवाही के मूड में नहीं है और यह बदलाव कुंभ क्षेत्र में भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किए गए हैं। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें और अव्यवस्था से बचने में सहयोग करें।