सीबीआई की टीम ने छत्तीसगढ़ के रायपुर और भिलाई में छापेमारी शुरू की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महादेव बेटिंग ऐप से जुड़ी जांच को आगे बढ़ाना है। सीबीआई ने यह कदम ईडी द्वारा की गई जांच के बाद उठाया है, जिसमें कई संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
सीबीआई ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवास पर भी छापेमारी की। इस छापे के दौरान सीबीआई ने कई दस्तावेजों और सबूतों की तलाश की है, जो महादेव बेटिंग ऐप से संबंधित हो सकते हैं। सीबीआई के अधिकारियों ने यह माना है कि यह छापेमारी महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने के लिए की गई है।
महादेव बेटिंग ऐप के खिलाफ चल रही जांच को लेकर यह विवाद गहरा गया है। पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में जांच की थी, और अब सीबीआई भी इसमें शामिल हो गई है। यह बेटिंग ऐप के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और अवैध गतिविधियों के संबंध में जांच कर रही है।
भूपेश बघेल के कार्यालय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी किया, जिसमें सीबीआई द्वारा उनके आवास पर की गई छापेमारी पर प्रतिक्रिया दी गई। उन्होंने कहा कि यह छापेमारी राजनीति से प्रेरित है, और आगामी 8-9 अप्रैल को अहमदाबाद में आयोजित AICC की बैठक को लेकर यह साजिश हो सकती है।
सीबीआई अब महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े अन्य आरोपों और अभियुक्तों की जांच करने की योजना बना रही है। इस मामले के दायरे में और भी लोगों के शामिल होने की संभावना है। सीबीआई की यह छापेमारी इस बात की ओर इशारा करती है कि मामला काफी गंभीर हो सकता है, और जांच का दायरा बढ़ सकता है।
इन सभी टॉपिक्स से जुड़ी जानकारी को विस्तार से समझने से पूरी घटना की तस्वीर साफ हो जाती है।