दुनियाभर के मुसलमान ईद-उल-फितर का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। रमजान के तीसरे अशरे की शुरुआत होते ही ईद की तैयारियां भी तेज हो जाती हैं। जैसे-जैसे रमजान का महीना अपने अंतिम चरण में पहुंचता है, लोग बेसब्री से ईद के चांद का इंतजार करने लगते हैं। चांद नजर आते ही एक-दूसरे को "चांद मुबारक" कहते हैं और फिर अगले दिन ईद का जश्न मनाया जाता है।
इस्लामिक कैलेंडर चंद्रमा पर आधारित होता है। जिस तरह हिंदू पंचांग में सूर्योदय के बाद नई तिथि शुरू होती है, उसी तरह इस्लामिक कैलेंडर में सूर्यास्त के बाद नई तारीख मानी जाती है। इस समय रमजान का महीना चल रहा है, और शव्वाल का चांद नजर आते ही ईद मनाई जाती है।
भारत में रमजान की शुरुआत 2 मार्च 2025 को हुई थी। इस आधार पर ईद की संभावित तिथि 31 मार्च या 1 अप्रैल 2025 मानी जा रही है। हालांकि, सटीक तिथि चांद नजर आने के बाद ही तय की जाती है।
विज्ञान और खगोलशास्त्र के जरिए पहले से अनुमान लगाया जा सकता है कि चांद कब दिखाई देगा। धार्मिक आस्था और वैज्ञानिक गणना को मिलाकर यह पता लगाया जा सकता है कि भारत समेत अन्य देशों में कब चांद नजर आएगा और ईद मनाई जाएगी।
हर साल भारत और सऊदी अरब में ईद अलग-अलग दिन मनाई जाती है, क्योंकि सऊदी अरब में चांद भारत से पहले दिखाई देता है। 2025 में चांद के दिखने की संभावित गणना इस प्रकार है:
चांद को देखने के लिए न्यूनतम 10 डिग्री की ऊंचाई आवश्यक होती है, और 30 मार्च को इन सभी देशों में चांद की ऊंचाई 10 डिग्री से अधिक होगी। चांद की उम्र भी 26 घंटे 25 मिनट होगी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि 30 मार्च 2025 को चांद नजर आ सकता है और 31 मार्च 2025 को ईद मनाई जाएगी।
सऊदी अरब के इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, 30 मार्च 2025 को ईद-उल-फितर मनाई जाएगी।
हालांकि, 29 मार्च 2025 को सऊदी अरब में चांद की ऊंचाई केवल 1 डिग्री होगी और उसकी उम्र 4 घंटे 37 मिनट होगी। लेकिन वहां की परंपरा और आधिकारिक निर्णय के आधार पर 30 मार्च को ईद मनाए जाने की संभावना है।
ईद 2025 की तिथि चांद देखने पर निर्भर करती है, लेकिन खगोलीय गणनाओं के अनुसार:
अंतिम निर्णय चांद देखने के बाद किया जाएगा, इसलिए सभी को चांद के दीदार का बेसब्री से इंतजार रहेगा।