हिंदू नववर्ष को जीवन की नई शुरुआत के रूप में देखा जाता है। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को यह नववर्ष मनाया जाता है। वर्ष 2025 में यह दिन रविवार, 30 मार्च को आ रहा है, जिससे विक्रम संवत 2082 का आरंभ होगा।
इस शुभ अवसर पर ग्रहों की विशेष स्थितियाँ बन रही हैं:
इस संवत्सर को सिद्धार्थ संवत् कहा जाएगा। यह वर्ष रविवार से प्रारंभ हो रहा है, इसलिए सूर्य इस संवत्सर का अधिपति एवं मंत्री रहेगा।
साल की सकारात्मक शुरुआत के लिए विशेष उपाय किए जा सकते हैं, जिससे जीवन में सफलता और समृद्धि प्राप्त हो।
शास्त्रों के अनुसार, शिव जी की उपासना से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और नए वर्ष की शुभ शुरुआत होती है।
माता मंगला गौरी की आराधना करने से सौभाग्य और समृद्धि प्राप्त होती है।
शक्ति, आत्मबल और बाधा निवारण के लिए हनुमान जी की पूजा विशेष फलदायी होती है।
अगर नववर्ष के पहले दिन इन उपायों को अपनाया जाए, तो वर्षभर सफलता, स्वास्थ्य और खुशहाली बनी रहती है।