देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया का शेयर आज बाजार खुलते ही 10% के अपर सर्किट में चला गया। बीएसई पर यह 7.49 रुपये तक पहुंच गया। सरकार ने कंपनी के 36,950 करोड़ रुपये के बकाया स्पेक्ट्रम पेमेंट को इक्विटी में बदलने का फैसला किया है, जिससे कंपनी पर कर्ज का बोझ कम होगा और वित्तीय स्थिति मजबूत होगी।
सरकार के इस फैसले के बाद वोडाफोन आइडिया में सरकार की हिस्सेदारी 22.6% से बढ़कर 48.99% हो जाएगी। इसके विपरीत, वोडाफोन पीएलसी की हिस्सेदारी घटकर 16.1% और आदित्य बिड़ला ग्रुप की हिस्सेदारी 9.4% रह जाएगी। हालांकि, कंपनी का प्रबंधन अभी भी प्रमोटर्स के हाथ में रहेगा।
सरकार द्वारा किए गए इस फैसले से वोडाफोन आइडिया को बड़ी राहत मिलेगी। साल 2023 के बाद यह दूसरी बार है जब सरकार ने वोडाफोन आइडिया की देनदारी को इक्विटी में बदला है। इससे कंपनी के कैश फ्लो में सुधार होगा, जिससे वह अपने बकाया भुगतान को आसानी से पूरा कर सकेगी।
FY26 की दूसरी छमाही तक कंपनी को 29,000 करोड़ रुपये का स्पेक्ट्रम और AGR बकाया चुकाना था, लेकिन अब यह कर्ज घटकर 11,000 करोड़ रुपये रह जाएगा। वहीं, FY27 से कंपनी को हर साल 43,000 करोड़ रुपये के बजाय 17,000 करोड़ रुपये चुकाने होंगे।
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म सिटी रिसर्च ने वोडाफोन आइडिया पर 'बाय/हाई रिस्क' रेटिंग बरकरार रखी है। उन्होंने शेयर का टारगेट प्राइस 12 रुपये रखा है, जिससे 76% तक की बढ़ोतरी संभव है। हालांकि, ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि सरकार की हिस्सेदारी बढ़ने से वित्तीय स्थिति फिलहाल सुधर जाएगी, लेकिन कंपनी को नई फंडिंग और 4G/5G नेटवर्क विस्तार में अभी भी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
ट्रेंडलाइन डेटा के अनुसार, वोडाफोन आइडिया के शेयर का औसत टारगेट प्राइस 8 रुपये है, जिससे 18% तक का उछाल संभव है। हालांकि, 22 एनालिस्ट्स ने इस शेयर को 'सेल' करने की सलाह दी है।