रमजान का पाक महीना जारी है, और 27 मार्च 2025 को रमजान का 26वां रोजा रखा जाएगा। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग अल्लाह की इबादत करते हैं और पांच वक्त की नमाज अदा करते हैं। रोजा रखने वाले सूर्योदय से पहले सहरी करते हैं और फिर सूर्यास्त के बाद इफ्तार के साथ अपना उपवास खोलते हैं।
इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, रमजान नवां महीना होता है। यह महीना आत्मसंयम, दुआ और गरीबों की सेवा का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी महीने में पैगंबर मोहम्मद को पवित्र कुरान शरीफ का ज्ञान प्राप्त हुआ था। इस कारण मुस्लिम धर्म के अनुयायी 30 दिनों तक रोजा रखते हैं और ईद-उल-फितर के दिन इस पवित्र महीने का समापन करते हैं।
शहर | सहरी का समय | इफ्तार का समय |
---|---|---|
दिल्ली | सुबह 04:58 | शाम 06:37 |
गाजियाबाद | सुबह 04:57 | शाम 06:36 |
लखनऊ | सुबह 04:45 | शाम 06:22 |
मुंबई | सुबह 05:24 | शाम 06:52 |
मेरठ | सुबह 04:55 | शाम 06:35 |
कोलकाता | सुबह 04:19 | शाम 05:51 |
रमजान के दौरान दिनभर रोजा रखने से पहले सुबह सहरी की जाती है। सहरी सूर्योदय से पहले भोजन करने की प्रक्रिया है, जिसके बाद पूरा दिन बिना कुछ खाए-पिए उपवास रखा जाता है।
शाम को सूर्यास्त के समय इफ्तार किया जाता है। इफ्तार के दौरान सबसे पहले खजूर खाया जाता है और फिर पानी पीकर रोजा खोला जाता है। इसके बाद नमाज अदा की जाती है और फिर भोजन किया जाता है।
रमजान का यह पवित्र महीना सभी के लिए आत्मसंयम, इबादत और नेक कार्य करने का अवसर होता है।