महा कुंभ 2025: मौनी अमावस्या पर दूसरा शाही स्नान, प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम
महा कुंभ 2025 में कल, यानी मौनी अमावस्या पर दूसरा शाही स्नान (अमृत स्नान) आयोजित होगा। इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है। लाखों श्रद्धालु देशभर से प्रयागराज के संगम तट पर स्नान के लिए उमड़ेंगे। इस अवसर पर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए नो-व्हीकल ज़ोन बनाए गए हैं, जिससे वाहनों की भीड़ और जाम की समस्या से बचाव किया जा सके।
दूसरे शाही स्नान को देखते हुए विभिन्न मार्गों से आने वाले श्रद्धालुओं को पैदल चलकर घाटों तक पहुंचना होगा।
स्नान घाटों तक पहुंचने के लिए भी श्रद्धालुओं को 1-2 किमी पैदल चलना होगा, क्योंकि संगम क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने 170 विशेष ट्रेनों और 400 नियमित ट्रेनों का संचालन किया है, जिससे विभिन्न स्थानों से श्रद्धालुओं को प्रयागराज पहुंचने में सहूलियत हो।
मौनी अमावस्या का शुभ मुहूर्त 28 जनवरी को शाम 7:35 बजे से शुरू होकर 29 जनवरी को शाम 6:05 बजे तक रहेगा। इस अवधि में स्नान करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होगी।
अब तक 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालु कुंभ में स्नान कर चुके हैं, और मौनी अमावस्या पर करोड़ों लोगों के संगम पहुंचने की संभावना है। प्रशासन द्वारा की गई विशेष व्यवस्थाओं से श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम अनुभव मिलेगा।