महिलाओं में सबसे खतरनाक बीमारियां: जानें इनके लक्षण और बचाव के उपाय
महिला दिवस (8 मार्च) एक अवसर है महिलाओं के स्वास्थ्य पर ध्यान देने का। मौजूदा समय में महिलाएं कई शारीरिक और मानसिक चुनौतियों से गुजर रही हैं। उनकी दिनचर्या, बदलती जीवनशैली और असंतुलित आहार कई गंभीर और जानलेवा बीमारियों के खतरे को बढ़ा रहे हैं। घर और बाहर की ज़िम्मेदारियों के कारण वे अपने स्वास्थ्य पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पातीं, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी प्रभावित होती है। आइए जानते हैं उन बीमारियों के बारे में, जो महिलाओं के लिए सबसे ज्यादा घातक साबित हो सकती हैं और उनसे कैसे बचा जाए।
स्तन कैंसर महिलाओं में सबसे आम प्रकार का कैंसर है। आंकड़ों के मुताबिक, भारत में हर चार मिनट में एक महिला इस बीमारी से प्रभावित होती है और हर आठ मिनट में एक महिला की मृत्यु हो जाती है।
बचाव के उपाय:
यह गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) में विकसित होने वाला कैंसर है, जो मुख्य रूप से ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) संक्रमण के कारण होता है। हर दो मिनट में एक महिला इस बीमारी के कारण अपनी जान गंवा रही है।
बचाव के उपाय:
गर्भाशय कैंसर महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। इसके लक्षणों में अनियमित रक्तस्राव, श्रोणि (पेल्विक) में दर्द और यौन संबंध के दौरान असहनीय पीड़ा शामिल हैं।
बचाव के उपाय:
पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) और पॉलीसिस्टिक ओवरी डिजीज (PCOD) हार्मोनल असंतुलन के कारण होती हैं, जिससे मासिक धर्म अनियमित हो सकता है और गर्भधारण में परेशानी आ सकती है।
बचाव के उपाय:
महिलाओं में दिल से जुड़ी बीमारियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। उच्च तनाव, अस्वस्थ आहार और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके मुख्य कारण हैं।
बचाव के उपाय:
मधुमेह महिलाओं में पुरुषों की तुलना में अधिक जटिलताओं का कारण बन सकता है। यह न केवल हृदय रोग का खतरा बढ़ाता है बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है।
बचाव के उपाय:
ऑस्टियोपोरोसिस में हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। महिलाओं में यह समस्या रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज़) के बाद अधिक देखी जाती है।
बचाव के उपाय:
महिलाओं के स्वास्थ्य की अनदेखी गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकती है। इसलिए समय पर हेल्थ चेकअप कराना, संतुलित आहार लेना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी है। अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक रहें।