माइक्रोसॉफ्ट इंडिया डेवलपमेंट सेंटर: नोएडा में बन रहा दुनिया का सबसे बड़ा आरएंडडी केंद्र, जानिए इसकी खासियतें
नोएडा में जल्द ही माइक्रोसॉफ्ट का इंडिया डेवलपमेंट सेंटर स्थापित होने जा रहा है, जो दुनिया का सबसे बड़ा आरएंडडी (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) केंद्र बनेगा। इस महत्वपूर्ण परियोजना का भूमि पूजन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह केंद्र न केवल नोएडा, बल्कि पूरे उत्तर भारत के आईटी क्षेत्र के लिए एक नई दिशा की शुरुआत करेगा। इसके माध्यम से एनसीआर क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्किल डेवलपमेंट को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि माइक्रोसॉफ्ट का इंडिया डेवलपमेंट सेंटर दुनिया में अपने आकार के लिहाज से एक महत्वपूर्ण केंद्र होगा और नोएडा में इसके बनने से यह क्षेत्र टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के विकास में एक प्रमुख केंद्र बन जाएगा। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के "एआई फर्स्ट नेशन" के विजन को साकार करने में मदद करेगी।
इस सेंटर की स्थापना से एनसीआर में रोजगार के साथ-साथ विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में स्किल डेवलपमेंट को भी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि यह सेंटर नोएडा में हैदराबाद के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा इंडिया डेवलपमेंट सेंटर होगा, जो आईटी, क्लाउड कंप्यूटिंग, और साइबर सिक्योरिटी जैसी तकनीकी सेवाओं के लिए एक बड़ा हब बनकर उभरेगा।
माइक्रोसॉफ्ट इंडिया डेवलपमेंट सेंटर: क्या होगी इसकी भूमिका और खासियतें
माइक्रोसॉफ्ट इंडिया डेवलपमेंट सेंटर का उद्देश्य भारतीय तकनीकी इकोसिस्टम को मजबूत करना है। यह सेंटर उत्तर भारत में आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में काम करेगा। इस सेंटर के साथ शैक्षिक संस्थानों और अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ एमओयू साइन किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य युवाओं को स्किल डेवलपमेंट के अवसर प्रदान करना है। सरकारी कर्मचारियों और अन्य युवाओं को विभिन्न स्किल प्रोग्राम के माध्यम से तैयार किया जाएगा, जिससे उन्हें देश में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
सेंटर के निर्माण के बाद, यह नोएडा में एक महत्वपूर्ण आईटी हब के रूप में काम करेगा और उत्तर प्रदेश के लिए एक आकर्षक निवेश केंद्र साबित होगा। माइक्रोसॉफ्ट का यह कदम यह साबित करता है कि उत्तर प्रदेश आईटी और तकनीकी निवेश के लिए एक बेहतरीन गंतव्य बन चुका है।
सिफी डाटा सेंटर की विशेषताएं और इससे होने वाले फायदे
साथ ही, मुख्यमंत्री ने सेक्टर 132 में स्थित सिफी इन्फिनिट स्पेसनेस कंपनी के परिसर में देश के सबसे बड़े एआई सक्षम डाटा सेंटर का उद्घाटन भी किया। इस डाटा सेंटर की मुख्य विशेषता यह है कि यह एआई आधारित प्रणाली का उपयोग करेगा, जो सिस्टम ऑपरेशंस, परिसंपत्तियों, लोगों और प्रक्रियाओं में वास्तविक समय को कम करने का काम करेगा। इसका उद्देश्य उद्योगों को स्किल-बेस्ड बुनियादी ढांचा प्रदान करना, क्षमताओं को बढ़ाना, और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ कम विलंबता सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही, डाटा सेंटर ऊर्जा खपत में कमी लाने, उपकरणों के अपटाइम को बेहतर बनाने, और परिचालन लागत को कम करने में भी मदद करेगा।
यह सेंटर 231 मेगावाट ग्रीन पावर से संचालित होगा, जिससे 29 प्रतिशत ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने का लक्ष्य है। भविष्य में यह रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देगा और सस्टेनेबिलिटी के मामले में एसरे गाइडलाइंस का पालन करेगा। इस परियोजना से लगभग 8,000 से 10,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। इसके अलावा, सिफी डाटा सेंटर की टॉप कंपनियों के साथ साझेदारी भी है, जो भारत के टॉप टेन बैंक, मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां, और ग्लोबल सोशल मीडिया तथा ओटीटी प्लेयर से जुड़ी हुई हैं।
उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा: 8 साल में किए गए उल्लेखनीय कार्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर यह भी कहा कि पिछले आठ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने काफी प्रगति की है। राज्य ने स्किल डेवलपमेंट को प्राथमिकता दी है, और अब वह देश के सबसे बड़े मोबाइल फोन निर्माता और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उत्पादन में 65 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल कर चुका है।
निवेश मित्र पोर्टल और निवेश सारथी पोर्टल जैसी पहलें राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई हैं। इसके अलावा, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उत्पादन का एक प्रमुख हब बना दिया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश में एआई, 5जी, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी, वायरलेस कम्युनिकेशन और मेडिकल टेक्नोलॉजी में एक्सीलेंस सेंटर बनाए जा रहे हैं, जो राज्य के डिजिटल गवर्नेंस और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करेंगे।
निष्कर्ष
माइक्रोसॉफ्ट इंडिया डेवलपमेंट सेंटर और सिफी डाटा सेंटर की स्थापना उत्तर प्रदेश और नोएडा के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इन परियोजनाओं के माध्यम से न केवल तकनीकी और डिजिटल विकास होगा, बल्कि युवाओं को स्किल डेवलपमेंट के अवसर भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नेतृत्व में राज्य ने निवेश और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है, और यह दोनों सेंटर उत्तर प्रदेश को एक वैश्विक तकनीकी हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेंगे।