यहां पर संसद में चल रहे विवाद का विवरण दिया गया है, जिसमें प्रमुख नेता राहुल गांधी और भाजपा सांसद जगदंबिका पाल के बीच तकरार देखने को मिली। मैं इसे अलग-अलग हिस्सों में समझा सकता हूं:
लोकसभा की कार्यवाही के दौरान अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी को सदन के नियमों का पालन करने की चेतावनी दी। राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया। इसके जवाब में भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने राहुल पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता देश को गुमराह कर रहे हैं और उन्हें संसदीय प्रणाली में कोई रुचि नहीं है।
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि राहुल खुद लोकसभा में बैठते नहीं और न ही किसी विधेयक पर बोलते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कांग्रेस के अन्य सदस्य बोल सकते हैं, तो राहुल को भी मौका मिलना चाहिए। उनका कहना था कि राहुल गांधी संसदीय प्रणाली में रुचि नहीं रखते और सिर्फ देश को गुमराह कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया था कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जाता। उन्होंने बताया कि जब भी वह बोलने खड़े होते हैं, उन्हें रोक दिया जाता है। उनका कहना था कि वह बेरोजगारी और महाकुंभ मेले पर बात करना चाहते थे, लेकिन उन्हें इसपर बोलने का मौका नहीं मिला।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा था कि उन्हें सदन की मर्यादा और शालीनता का पालन करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के नेता से खास तौर पर अपेक्षित होता है कि वह अपने आचरण को बनाए रखें।
संसद का बजट सत्र 10 मार्च से शुरू हुआ था और यह 4 अप्रैल तक चलेगा।
इन बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए, यह विवाद संसदीय कार्यप्रणाली और राहुल गांधी के अधिकारों के इर्द-गिर्द घूमता है, जिसमें भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी बहस देखने को मिल रही है।