सुरक्षा के कड़े इंतजाम:
संबल में अलविदा जुमा की नमाज के लिए सुरक्षा को कड़ा कर दिया गया है। पीएसी और आरआरएफ की दस कंपनियों को तैनात किया गया है और अतिरिक्त बल भी थानों और पुलिस लाइन से सक्रिय किया गया है। प्रशासन का ध्यान शहर में शांति बनाए रखने पर है, और पूरे इलाके में सतर्कता बरती जा रही है।
सड़क और छत पर नमाज पढ़ने पर प्रतिबंध:
पुलिस और प्रशासन ने पहले ही पीस कमेटी की बैठक में हिदायत दी थी कि नमाज सड़क या छत पर नहीं पढ़ी जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य यह है कि सभी नागरिक शांतिपूर्वक और नियमों के तहत नमाज अदा करें। सुरक्षा के लिहाज से ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी।
सोशल मीडिया पर निगरानी:
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि सोशल मीडिया पर पूरी निगरानी रखी जा रही है। किसी भी प्रकार के भड़काऊ या माहौल बिगाड़ने वाले पोस्ट्स को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाएगा और उनपर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई शांति भंग करने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ड्रोन निगरानी:
संबल के इलाके में ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि शहर के हर कोने पर निगरानी रखी जा सके। अधिकारी अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए इलाके में गश्त करेंगे ताकि किसी भी तरह के अप्रिय घटनाक्रम से बचा जा सके।
पीस कमेटी की बैठक:
बुधवार को संभल कोतवाली में आयोजित पीस कमेटी की बैठक में एएसपी श्रीश्चंद्र ने बताया कि अलविदा जुमा और ईद की नमाज शांतिपूर्वक अदा की जाए। इस बैठक में यह भी साफ किया गया कि किसी को भी छत या सड़क पर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ईद की नमाज के दौरान भी इसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी।
पाबंदी पर कार्रवाई:
संभल में पुलिस-प्रशासन ने पहले ही 1800 लोगों को एहतियातन पाबंद किया है, जिनमें कुछ प्रमुख लोग जैसे सांसद जियाउर्रहमान बर्क और उनके पिता भी शामिल हैं। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि यह एहतियाती कदम उठाए गए हैं ताकि शांति बनी रहे। होली से लेकर ईद तक लगातार इस तरह की कार्रवाई की जा रही है।
जोन और सेक्टर आधारित निगरानी:
संभल को डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने 11 जोन और 28 सेक्टर में बांटा है। हर जोन में मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी ताकि सभी गतिविधियों की निगरानी की जा सके। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी हर पहलू पर नजर रखेंगे और उच्च अधिकारियों को सभी गतिविधियों की सूचना देंगे।
निगरानी बढ़ाई गई:
संभल में 24 नवंबर को हुए बवाल के बाद से सुरक्षा इंतजाम और कड़े कर दिए गए हैं। अब प्रशासन की प्राथमिकता शहर में शांति बनाए रखने की है और इसके लिए वे हर कदम उठा रहे हैं। स्थिति पर पूरी तरह से निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि न हो।