सूर्य ग्रहण 2025: शनि अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण का अद्भुत संयोग, घर में इन 6 कामों से बचें
सूर्य ग्रहण 2025 का आयोजन शनि अमावस्या के दिन हो रहा है, जो एक दुर्लभ खगोलीय घटना मानी जा रही है। इस खास अवसर पर शनि देव मीन राशि में गोचर करेंगे और ग्रहण का समय भी विशेष महत्व रखता है। भारतीय समय अनुसार यह सूर्य ग्रहण दोपहर 2 बजकर 21 मिनट पर शुरू होगा और शाम 6 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। इस ग्रहण को लेकर कई धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएं हैं, जिनके अनुसार ग्रहण के दौरान कुछ खास कार्यों से बचना चाहिए।
ग्रहण के दौरान घर में इन 6 कामों से बचें:
खाना पकाना और खाना खाना
ग्रहण के दौरान खाना पकाने और खाने से बचने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि ग्रहण के दौरान भोजन में नकारात्मक ऊर्जा समाहित हो सकती है, जिससे स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
साफ-सफाई करना
ग्रहण के समय घर की सफाई करने से भी मना किया जाता है। इससे घर की ऊर्जा प्रभावित हो सकती है। खासकर झाड़ू-पोछा करना अपशकुन माना जाता है।
नए काम शुरू करना
ग्रहण के दौरान कोई नया काम या व्यापार शुरू करना शुभ नहीं माना जाता है। यह समय पुराने कामों को निपटाने और चुपचाप बिताने के लिए उपयुक्त होता है।
नहाना और स्नान करना
ग्रहण के दौरान नहाने से भी बचने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि ग्रहण के दौरान जल में नकारात्मक ऊर्जा समाहित हो सकती है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है।
गृह कलह और झगड़े
ग्रहण के समय परिवार में तकरार या झगड़े से बचना चाहिए। इस समय नकारात्मक ऊर्जा ज्यादा होती है, जो मानसिक शांति में विघ्न डाल सकती है।
धार्मिक कार्यों से बचें
ग्रहण के दौरान मंदिर में पूजा-पाठ या अन्य धार्मिक कार्य करने से भी बचना चाहिए। इसे अपवित्र समय माना जाता है, इसलिए धार्मिक क्रियाएं स्थगित रखनी चाहिए।
सूर्य ग्रहण और शनि अमावस्या का धार्मिक महत्व:
सूर्य ग्रहण के साथ शनि अमावस्या का संयोग विशेष धार्मिक महत्व रखता है। शनि देव की पूजा इस दिन विशेष रूप से लाभकारी मानी जाती है। शनि अमावस्या पर शनि ग्रह के प्रभाव को संतुलित करने के लिए कई लोग विशेष पूजा और व्रत रखते हैं। इस दिन शनि देव की विधिपूर्वक पूजा करने से व्यक्ति की किस्मत पर सकारात्मक असर पड़ता हैसूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है, लेकिन इसके साथ आने वाली धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएं हमें हमारे दैनिक कार्यों और व्यवहार में सतर्क रहने की सलाह देती हैं। यदि आप भी इस ग्रहण के दौरान इन विशेष बातों का ध्यान रखते हैं, तो यह समय आपके लिए मानसिक और शारीरिक रूप से संतुलित रहने में मदद कर सकता है।