UP Board Exam 2025: पहले दिन 2.72 लाख छात्रों ने हिंदी परीक्षा छोड़ दी, 14 फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की बोर्ड परीक्षा 2025 के पहले दिन एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। इस दिन 2.72 लाख छात्रों ने हिंदी की परीक्षा छोड़ दी, जिससे बोर्ड परीक्षा की शुरुआत में बड़ी अनुपस्थिति दर्ज की गई। 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए यह परीक्षा बहुत महत्वपूर्ण थी, लेकिन बड़ी संख्या में छात्रों ने इसमें भाग नहीं लिया।
परीक्षा की स्थिति और अनुपस्थिति का आंकड़ा
पहले दिन की परीक्षा के दौरान, जहां यूपी बोर्ड के कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के मुताबिक, कुल 5,149,043 छात्रों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था, जिनमें से 4,876,219 छात्र उपस्थित हुए, जबकि 272,824 छात्र परीक्षा से अनुपस्थित रहे। यह अनुपस्थिति बड़ी संख्या में रही, और यह विशेष रूप से हिंदी विषय की परीक्षा के लिए थी, जिसे 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण माना गया था।
फर्जी उम्मीदवारों का खुलासा
यहां तक कि इस दिन 14 फर्जी परीक्षार्थियों को भी पकड़ा गया, जो किसी और के स्थान पर परीक्षा दे रहे थे। इन मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज की गई और फर्जी उम्मीदवारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। छद्म परीक्षार्थी यूपी के विभिन्न जिलों जैसे फर्रुखाबाद, गाजीपुर, कन्नौज, जौनपुर, फिरोजाबाद और प्रतापगढ़ से पकड़े गए। इस घटनाक्रम ने परीक्षा की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
महाकुंभ के कारण प्रयागराज में परीक्षा स्थगित
परीक्षा के पहले दिन प्रयागराज में महाकुंभ के चलते परीक्षा का आयोजन नहीं किया गया था। प्रयागराज के छात्रों के लिए परीक्षा 9 मार्च को आयोजित की जाएगी।
आधिकारिक बयान और भविष्य की दिशा
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने इस दौरान एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित की गई है और किसी भी जिले में कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। इसके साथ ही उन्होंने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे बिना तनाव के परीक्षा में सम्मिलित हों। साथ ही यदि किसी विद्यालय में प्रवेश पत्र को लेकर कोई समस्या उत्पन्न होती है या कोई अनियमितता सामने आती है, तो परीक्षार्थी बोर्ड की हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं।
नियमों का पालन और कड़ी निगरानी
यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान, छात्रों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। फर्जी परीक्षा देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है, और बोर्ड ने यह सुनिश्चित किया है कि परीक्षा पूरी सुरक्षा और निगरानी के साथ आयोजित की जाए।
सारांश
यूपी बोर्ड परीक्षा 2025 के पहले दिन की स्थिति में काफी घटनाएं घटीं, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र अनुपस्थित रहे और कुछ फर्जी उम्मीदवारों को पकड़ा गया। इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि बोर्ड ने परीक्षा के दौरान सुरक्षा कड़ी कर दी है और परीक्षा में अनुशासन बनाए रखने के लिए पूरी तरह से निगरानी रखी जा रही है। इस बीच, परीक्षार्थियों को बोर्ड की हेल्पलाइन के जरिए किसी भी समस्या को हल करने का मौका दिया जा रहा है।